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बिल्ली और चूहे की कहानी / Chuha Billi ki kahani 1

बिल्ली और चूहे की कहानी / Chuha Billi ki kahani

यह कहानी बिल्ली और चूहे के बीच की चालाकी और चौकसी को दर्शाती है। बिल्ली की चालाकी और चौकसी के कारण, चूहे भी सावधान हो गए और वे अब बिल्ली के हाथ नहीं आ रहे थे। यह हमें यह बताता है कि हमें अपने चालाकियों के साथ सावधान रहना चाहिए और धोखा न करने वाले के खिलाफ सतर्क रहना चाहिए। धोखा न करने वाले को अंत में ही पराजित होना पड़ता है।

एक समय की बात है, जब बिल्ली भूख के मारे तड़पने लगी। कोई भी चूहा उसके हाथ नहीं आता था, क्योंकि वे उसकी आहट सुनते ही तेज़ी से अपने बिल में छुप जाते थे।

भूख से बचने के लिए बिल्ली ने योजना बनाई। उसने एक टेबल पर उलटी लेट गई। उसने सभी चूहों को यह सोचने पर मजबूर किया कि वह मर चुकी है।

सारे चूहे बिल्ली को उसी तरह लेटे हुए अपने बिल से ही देख रहे थे। उन्हें पता था कि बिल्ली बहुत चालाक है, इसलिए उनमें से कोई भी चूहा अपने बिल से बाहर नहीं आया।

लेकिन, बिल्ली भी हार मानने वालों में से नहीं थी। वह बहुत देर तक उसी टेबल पर उलटी लेटी रही। धीरे-धीरे चूहों को लगने लगा कि बिल्ली मर चुकी है। वे जश्न मनाते हुए अपने बिल से निकलने लगे।

चूहे बिल्ली के पास पहुंचते ही, उसने उछलकर दो चूहे पकड़ लिए। इस बार बिल्ली ने अपने पेट को भर लिया, लेकिन चूहे अब और भी ज्यादा सतर्क हो गए।

दो चूहों को खाने के बाद बिल्ली को फिर से भूख लगी, क्योंकि चूहे अब बहुत ही सतर्क थे।

इस बार भूख मिटाने के लिए बिल्ली को फिर से योजना बनानी थी। लेकिन इस बार छल काम नहीं आई। इसलिए, बिल्ली ने अब खुद को पूरे आटे से ढंक लिया।

चूहे सोचते हैं कि यह आटा है और उसे खाने के लिए आ गए। लेकिन एक बूढ़े चूहे ने उन्हें रोक दिया। उसने ध्यान से आटा देखा, तो उसमें बिल्ली का आकार दिखने लगा।

तभी बूढ़े चूहे ने हल्ला मचाना शुरू किया। उसने कहा, “सभी अपने बिल में चले जाओ। यहां आटे में बिल्ली छुपी है।” बूढ़े चूहे की बात सुनकर सभी चूहे अपने बिल में चले गए।

बहुत देर तक एक भी चूहा बिल्ली के पास नहीं आया, तब बिल्ली थकने की वजह से उठ गई। इस तरह बूढ़े चूहे ने अपने अनुभव से सभी चूहों की जान बचा ली।

बिल्ली और चूहे की कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि चालाकी और धोखेबाजी से बचने के लिए हमें सतर्क और बुद्धिमान रहना चाहिए। बुद्धि का इस्तेमाल करके हम अपने आसपास की स्थितियों को समझ सकते हैं और धोखाधड़ी से बच सकते हैं। यह कहानी हमें यह भी दिखाती है कि हमें अपनी हार को मानने की बजाय नई योजनाओं को सोचना चाहिए जो हमें सफलता की दिशा में आगे बढ़ा सके।

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