20 नाखुन वाले कछुए की कीमत करोड़ों में क्यो होती है 20 nakhun wala kachhua

20 nakhun wala kachhua

 

आपने कई प्रकार के कछुओं के बारे में सुना होगा, जैसे 18 नाखून वाला कछुआ, 20 नाखून वाला कछुआ और 21 नाखून वाला कछुआ। इन सभी में सबसे ज्यादा महंगे होते हैं 20 नाखून वाले कछुए। यह कछुए दुर्लभ प्रजाति के होते हैं और इसलिए इनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों में होती है। भारत में भी इनकी कीमत 2 से 4 लाख रुपये तक होती है।  kachhua

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20 नाखून वाले कछुए को विभिन्न नामों से जाना जाता है, जैसे बीसा या फोर व्हीलर। लोगों के बीच यह धारणा है कि इस कछुए के पास विशेष शक्तियाँ होती हैं, जैसे नोटों की बारिश करवाना या गड़े हुए खजाने का पता लगाना। हालांकि, इन धारणाओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। kachhua

 

इस कछुए की दुर्लभता और उसकी ऊंची कीमत के कारण इसकी तस्करी भी की जाती है, जो कि कानूनन अपराध है। तस्कर इसे खरीदने और बेचने के प्रयास में कई बार जेल भी पहुंच जाते हैं। 20 नाखून वाले कछुए की तस्करी न केवल अवैध है बल्कि इससे पर्यावरण और कछुओं की प्रजाति को भी खतरा होता है। kachhua

 

इस कछुए की कुछ विशेषताएं इस प्रकार हैं:
1. दुर्लभता: यह कछुए बहुत ही कम संख्या में पाए जाते हैं।
2. अविश्वसनीय धारणाएं: लोग मानते हैं कि इनसे विशेष लाभ प्राप्त होते हैं, जो कि वास्तविकता में सिद्ध नहीं हुए हैं।
3. उच्च बाजार मूल्य: अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी ऊंची कीमत होती है, जो इसे तस्करों के लिए आकर्षक बनाती है।

 

संक्षेप में, 20 नाखून वाला कछुआ अपनी दुर्लभता और उससे जुड़ी धारणाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों में बिकता है। हालांकि, इस कछुए की तस्करी अवैध है और इसे रोकने के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं।

 

 20 नाखून वाले कछुए की मदद से खजाने का पता kachhua

20 नाखून वाले कछुए की कीमत उसके नरम और कड़े कवच के आधार पर तय की जाती है। तांत्रिकों का कहना है कि यदि कोई उन्हें यह कछुआ लाकर देगा, तो वे उसे मालामाल कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ के बस्तर में तांत्रिकों ने लोगों को विश्वास दिलाया कि यह कछुआ उन्हें गड़े हुए धन का पता बता सकता है। इस अंधविश्वास के कारण कई लोग इस कछुए को खोजने में लगे रहते हैं।

 

रायगढ़ के एक गांव में इस अंधविश्वास की हद तब हो गई जब लोग इस प्रकार का कछुआ लाने के लिए एक कुएं में उतर गए। उन्हें जानकारी मिली कि उस कुएं में कछुए रहते हैं। लेकिन, कुएं में जहरीली गैस होने की वजह से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बाद उसके दो भाई भी एक-एक करके उसी कुएं में उतरे और वे भी जहरीली गैस की वजह से मारे गए।

 

 अंधविश्वास का परिणाम kachhua

यह सब एक अंधविश्वास के चलते हुआ। वास्तविकता यह है कि 20 नाखून वाले कछुए की मदद से खजाने का पता लगाना बिल्कुल असंभव है। यह केवल एक अंधविश्वास और धोखा है। दरअसल, उस तांत्रिक ने इन लोगों से उपाय के नाम पर पैसे लिए थे और फिर उन्हें अंधविश्वास में फंसाकर यह कहा कि 20 नाखून के कछुए का इंतजाम करें। तांत्रिक का मकसद केवल अपनी जेब भरना था, और वह लोगों को धोखा देकर चला गया।

 

20 नाखून के कछुए की मदद से नोटों की बारिश kachhua

अक्सर कहा जाता है कि 20 नाखून वाले कछुए की मदद से नोटों की बारिश कराई जा सकती है और कमरा नोटों से भर जाएगा। लेकिन यह सरासर गलत है। कोई भी महारथी ऐसा नहीं कर सकता। दरअसल, इसके पीछे एक राज है। अंतरराष्ट्रीय बाजार के तस्कर इसे ऊंची कीमतों में बेचते हैं और वे अपने साथ नजरबंद वाले जादूगरों को शामिल करते हैं।

 

 नोटों की बारिश का धोखा

नजरबंद जादूगर 20 नाखून वाले कछुए पर नोट चिपकाते हैं और फिर नजरबंद कर लोगों को नोटों की बारिश का भ्रम देते हैं। जितने का नोट वे कछुए पर चिपकाते हैं, उतनी ही मात्रा में नोटों की बारिश दिखाते हैं। लेकिन यह केवल एक भ्रम होता है। अगले दिन, जब लोग देखते हैं कि उनकी जेब खाली है, तब उन्हें समझ में आता है कि यह सब नकली था। इस तरीके से तस्कर 20 नाखून वाले कछुए को हासिल कर लेते हैं और उसे लेकर चले जाते हैं।

 

अंधविश्वास और वास्तविकता kachhua

नोटों की बारिश का यह दावा पूरी तरह से झूठ और धोखा है। इसका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है। किसी भी तांत्रिक या बाबा की शक्तियों की एक सीमा होती है। ये ताकतें केवल भगवान में होती हैं, जो जब चाहें, जहां चाहें, कुछ भी कर सकते हैं।

 

तंत्र साधना में 20 नाखून वाले कछुए की मांग

पकड़े गए दो तस्करों ने बताया कि तंत्र साधना के लिए 20 नाखून वाले कछुए की काफी मांग होती है। तंत्र साधना के लिए नरम कवच वाले कछुए की आवश्यकता होती है और नोटों की बारिश करने वाली साधना को सुनसान स्थान पर किया जाता है। तस्करों के अनुसार, तांत्रिक कछुए की पीठ पर जितने का नोट रखते हैं, उतने के ही नोटों की बारिश होने लगती है।

 

 20 नाखून के कछुए को घर में पालने से धन वृद्धि kachhua

कहा जाता है कि 20 नाखून वाले कछुए को घर में पाल लेने से धन वृद्धि होती है और दिन दुगनी, रात चौगुनी तरक्की होती है। हिंदू धर्म में कछुए को पवित्र माना गया है और इसकी पूजा भी होती है। भगवान विष्णु का एक रूप कछुआ भी है। बहुत से लोग कछुए की अंगूठी पहनते हैं और अपने पूजा स्थान पर कछुए के यंत्र को रखते हैं।

 

धार्मिक मान्यता और वास्तविकता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कछुए को घर में रखना शुभ माना जाता है। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि केवल कछुआ पालने से कोई चमत्कारिक धन वृद्धि नहीं होती। सही दिशा में मेहनत और भगवान के प्रति श्रद्धा महत्वपूर्ण हैं। अगर आप मेहनत नहीं करेंगे और सिर्फ कछुआ पालकर बैठ जाएंगे, तो कुछ भी नहीं होगा।

 

 अंधविश्वास से बचें kachhua

कोई भी सिद्ध तांत्रिक या पंडित 20 नाखून वाले कछुए की मदद से नोटों की बारिश नहीं करा सकता और ना ही किसी गड़े खजाने का पता लगा सकता है। 20 नाखून वाले कछुए से नोटों की बारिश कराने का दावा बिल्कुल झूठा है। ऐसे दावों पर विश्वास करने से बचें और अपनी मेहनत और लगन से ही सफलता प्राप्त करें।

 

निष्कर्ष

20 नाखून वाले कछुए को पालना धार्मिक दृष्टिकोण से शुभ माना जा सकता है, लेकिन केवल इसे पालने से धन वृद्धि की उम्मीद करना गलत है। मेहनत, सही दिशा और भगवान के प्रति श्रद्धा ही सफलता की कुंजी हैं। अंधविश्वासों से दूर रहें और सच्चाई को पहचानें। सफलता पाने के लिए अपने प्रयासों पर भरोसा रखें।  kachhua

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