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diamond हीरा कैसे बनता है और कैसे करें असली हीरा की पहचान 1

diamond हीरा कैसे बनता है और कैसे करें असली हीरा की पहचान 1

हीरा (Diamond) रासायनिक रूप से कार्बन का शुद्ध रूप होता है। इसमें बिल्कुल भी मिलावट नहीं होती है, आपको बता दें कि यदि हीरे को ओवन में 763 डिग्री सेल्सियस पर गरम किया जाए, तो यह जलकर कार्बन डाइ-आक्साइड बना लेता है और बिलकुल भी राख नहीं बचेगी। इस प्रकार हीरे 100% कार्बन से बनते हैं। तो आइये जानते हैं हीरा कैसे बनता है और इसे कैसे पहचाना जाता है।

diamond हीरा कैसे बनता है और कैसे करें असली हीरा की पहचान 1

हीरा कैसे बनता है? हीरा एक अनमोल रत्न है। यही वजह है कि किसी भी उत्कृष्ट व्यक्ति या चीज की तुलना हीरे से की जाती है। सगाई की अंगूठियों से लेकर उत्कृष्ट गहनों तक, हीरे हमारे दैनिक जीवन में इतने सामान्य हैं कि अक्सर हम यह सोचते हैं कि आखिर वे कहां से आए हैं, लेकिन इन छोटे रत्नों के निर्माण से लेकर गहनों की दुकानों तक की यात्रा वास्तव में काफी प्रभावशाली है। तो चलिए, हम हीरे के सफर की कहानी को जानते हैं।

इस लेख के माध्यम से हम हीरे के बनने के मुख्य तरीकों और हीरे कहां पाए जाते हैं, इसके बारे में जानेंगे। पृथ्वी की सतह से लेकर एक अच्छी तरह से विनियमित प्रयोगशाला तक, आपको आश्चर्य हो सकता है कि ये चमकदार पत्थर कहां पाए जाते हैं।

आपको बता देते हैं कि हीरे सदियों से राजसी वैभव और विलासिता के प्रतीक रहे हैं। भारत हजारों साल से इनके कारोबार का केंद्र रहा है। रोमन लोग इन्हें ‘भगवान के आंसू’ कहते थे। यह भी जानना जरूरी है कि 1700 के दशक के बाद से भारत विश्व का प्रमुख हीरा उत्पादक देश नहीं है, इसके बावजूद भारत में हीरे का खनन जारी है। 2013 में भारत की बड़ी औद्योगिक खदानों और कई छोटी खदानों को मिलाकर केवल 37,515 कैरेट हीरे खनन किए गए थे, जो उस वर्ष पूरे विश्व के उत्पादन 132.9 मिलियन कैरेट के एक प्रतिशत के दसवें हिस्से से भी कम था।

बहुत से लोगों का यह भी कहना है कि विश्व के पहले हीरे की खोज आज से 4000 साल पहले भारत के गोलकोंडा क्षेत्र (आधुनिक हैदराबाद) में नदी के किनारे की चमकदार रेत में हुई थी। पश्चिमी भारत के औद्योगिक शहर सूरत में दुनिया के 92% हीरों को काटने और पॉलिश करने का काम किया जाता है, और इस काम के कारण दुनिया में करीब 500,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। diamond

हीरा एक पारदर्शी रत्न है। यह रासायनिक रूप से कार्बन का सबसे शुद्ध रूप है। इसमें बिल्कुल भी कोई मिलावट नहीं है. यदि हीरे को ओवन में 763 डिग्री सेल्सियस पर गर्म किया जाए तो वह जलकर कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है और कोई राख नहीं बचती। इस प्रकार हीरे 100% कार्बन से बने होते हैं। हीरा रासायनिक रूप से बहुत निष्क्रिय और सभी विलायकों में अघुलनशील होता है। इसका आपेक्षिक घनत्व 3.51 है।

हीरे में सभी कार्बन परमाणु बहुत ही शक्तिशाली सह-संयोजी बन्ध द्वारा जुड़े होते हैं, इसलिए यह बहुत कठोर होता है। हीरा प्राकृतिक पदार्थों में सबसे कठोर पदार्थ है। इसमें उपस्थित चारों इलेक्ट्रॉन सह-संयोजी बंध में भाग लेते हैं और कोई भी इलेक्ट्रॉन स्वतंत्र नहीं होता है, इसलिए हीरा ऊष्मा और विद्युत का अच्छा कंडक्टर होता है। यही वजह है कि हीरे कठोर होते हैं। (हीरे विभिन्न आकारों में हो सकते हैं)

हीरे वैज्ञानिकों के मुताबिक, जमीन के करीब 160 किलोमीटर नीचे, बेहद गर्म माहौल में बनते हैं। इसके बाद ज्वालामुखीय गतिविधियां इन्हें ऊपर की ओर लाती हैं। हीरे अनोखे ढंग से कार्बन के अणु और अधिक दबाव और तापमान के बीच जुड़ते हैं, जो अथाह गहराई में होता है। इन अणुओं के विशेष गुणमूलक बनाव के कारण हीरे उत्पन्न होते हैं। इसके अलावा, हीरे अन्य ग्रहों या पिंडों से भी मिल सकते हैं।

असली और नकली हीरे को पहचानने के लिए कुछ महत्वपूर्ण तरीके हैं:

1. प्रकार और परीक्षण: हीरे के प्रकार और परीक्षण करना एक प्रमुख तरीका है। असली हीरे ज्यादातर प्राकृतिक रूप से पाये जाते हैं, जबकि नकली हीरे केमिकल प्रक्रिया के माध्यम से बनाए जाते हैं।

2. दिखावटी परिणाम: असली हीरे में वास्तविकता और आभा का अद्भुतता होता है, जो कि उन्हें अन्य मानव संपत्तियों से अलग बनाता है। इसके बावजूद, नकली हीरे अक्सर प्रकाश और आभा में कमी दिखाते हैं।

3. रंग, चमक और पर्यावरण: असली हीरे विभिन्न रंगों, चमक, और पर्यावरणीय प्रतिक्रियाओं के साथ आते हैं, जो कि उन्हें अन्य उपादानों से अलग करता है।

4. धातु व परीक्षण: असली हीरे को धातु की परीक्षण से पहचाना जा सकता है। धातु के परीक्षण से असली हीरे की गुणवत्ता, प्रकार, और प्रकार का पता लगाया जा सकता है।

5. आपरेशनल तकनीक: आपरेशनल तकनीकों का उपयोग करके असली और नकली हीरे को पहचाना जा सकता है, जैसे कि यह जांच करना कि क्या हीरा अपने निशान या प्राकृतिक विशेषताओं को कोई बदलाव के बिना रखता है।

6. सर्टिफिकेट और लैब टेस्टिंग: असली हीरे को पहचानने के लिए लैब टेस्टिंग की विशेषज्ञता का सहारा लिया जा सकता है, जो कि उनकी गुणवत्ता और प्राकृतिकता को मापने में मदद कर सकते हैं।

यदि आप नकली हीरे के बारे में संदेह हैं, तो सर्टिफिकेट और प्रमाणपत्रों की जाँच करने और विशेषज्ञों से सलाह लेने का सुझाव दिया जा सकता है।

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